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मेरा ज़मीर संदीप वसावा तुम चले आओ ही कभी तेजी शहादत मिर्ज़ा जाओ मेरा दोनों चले तो चले आओ shahadat mirza मंदी गज़ल gazal sandeep vasava चले बस यूँ

Hindi मेरा बस चले तो Poems